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आरबीआई प्रोफेशनल खो-खो टूर्नामेंट २०२६ परळ के लाल मैदान पर क्वार्टर फाइनल मुकाबलों का रोमांच सेमीफाइनल में सेंट्रल रेलवे बनाम रचना नोटरी वर्क्स और वेस्टर्न रेलवे बनाम महाराष्ट्र पोस्ट की टक्कर

 


आरबीआई प्रोफेशनल खो-खो टूर्नामेंट २०२६

परळ के लाल मैदान पर क्वार्टर फाइनल मुकाबलों का रोमांच

सेमीफाइनल में सेंट्रल रेलवे बनाम रचना नोटरी वर्क्स और वेस्टर्न रेलवे बनाम महाराष्ट्र पोस्ट की टक्कर

 

मुंबई : मुंबई खो-खो संघटना की मान्यता और रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) स्पोर्ट्स क्लब द्वारा आयोजित पहली प्रोफेशनल इनविटेशन खो-खो स्पर्धा २०२६ में परळ स्थित ऐतिहासिक विद्यार्थी क्रीड़ा केंद्र के लाल मैदान पर एक बार फिर रोमांच, गति और रणनीति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। दिनभर चले रोमांचक मुकाबलों के बाद सेंट्रल रेलवे, रचना नोटरी वर्क्स, वेस्टर्न रेलवे और महाराष्ट्र पोस्ट ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। अब अगले दौर में दो जबरदस्त मुकाबले देखने को मिलेंगे।

 

वेस्टर्न रेलवे की दमदार जीत, बैंक ऑफ इंडिया पर शानदार विजय

प्रोफेशनल वर्ग के पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में वेस्टर्न रेलवे ने बैंक ऑफ इंडिया को ११-९ (मध्यांतर ९-४) से हराकर २ अंकों की शानदार जीत दर्ज की। वेस्टर्न रेलवे ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। विजेता टीम के लिए निखिल सोडिये (२.३०, नाबाद २.३० मिनट रक्षा व २ अंक), आदित्य गणपुले (२.५० मिनट रक्षा व २ अंक), वृषभ वाघ (नाबाद १, ३ मिनट रक्षा), महेश शिंदे (, १.२० मिनट रक्षा व १ अंक) और अभय रत्नाकर (१ मिनट रक्षा व ५ अंक) ने शानदार प्रदर्शन किया। जबकि बैंक ऑफ इंडिया की ओर से राज सकपाल (१.४० मिनट रक्षा), सुदर्शन चव्हाण (१.१० मिनट रक्षा व ३ अंक), अर्पित तिवारी (१.३०, १ मिनट रक्षा व २ अंक) और मयुरेश मोरे (१.३० मिनट रक्षा व १ अंक) ने संघर्ष किया, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके।

 

सेंट्रल रेलवे का दबदबा, महावितरण बाहर

दूसरे क्वार्टर फाइनल में सेंट्रल रेलवे ने महावितरण कंपनी को १९-१२ (मध्यांतर १०-६) से हराकर सेमीफाइनल में शानदार प्रवेश किया। सेंट्रल रेलवे ने पूरे मुकाबले में अपना वर्चस्व बनाए रखा और विरोधी टीम को वापसी का मौका नहीं दिया। विजेता टीम के लिए अर्णव पाटणकर (१.४० मिनट रक्षा व ४ अंक), शुभम थोरात (१.४० मिनट रक्षा व ३ अंक), विजय हजारे (२ मिनट रक्षा), मिलिंद चावरेकर (१ मिनट रक्षा व ४ अंक), सौरभ घाडगे (नाबाद १ मिनट रक्षा व २ अंक) और गणेश बोरकर (२.१० मिनट रक्षा) ने बेहतरीन खेल दिखाया। महावितरण की ओर से चेतन बडे (१.१० मिनट रक्षा), सम्यक जाधव (१.२० मिनट रक्षा व २ अंक), वरुण पाटील (१.३०, १.३० मिनट रक्षा व १ अंक), सोहम लोकावले (१ मिनट रक्षा व ३ अंक) और अनिकेत चेंदवणकर (, १.४० मिनट रक्षा व २ अंक) ने प्रयास किए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।

 

रचना नोटरी वर्क्स की रोमांचक जीत, मुंबई पुलिस की मेहनत बेकार

तीसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में रचना नोटरी वर्क्स ने बेहद रोमांचक संघर्ष में मुंबई पुलिस को २१-१८ (मध्यांतर १२-१०) से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। मुकाबला अंत तक बेहद कांटे का रहा। रचना नोटरी वर्क्स की ओर से प्रथमेश दुर्गावले (१.२० मिनट रक्षा व ३ अंक), हितेश आग्रे (१.२० मिनट रक्षा व ४ अंक), सदाशिव पालव (१.१० मिनट रक्षा व ४ अंक), रुपेश कोंढाळकर (१.५० मिनट रक्षा व १ अंक) और गणेश साहू (१.२०, १.१० मिनट रक्षा व १ अंक) ने शानदार प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाई। वहीं मुंबई पुलिस की ओर से अक्षय खापरे (१ मिनट रक्षा व ३ अंक), सोहेल शेख (१.३० मिनट रक्षा व ३ अंक), सोहेल कलावंत (१ मिनट रक्षा व ३ अंक), वेदांत देसाई (, १.४० मिनट रक्षा व १ अंक), हरीश मोरे (१.२० मिनट रक्षा व ५ अंक) और सुजित पवाल (१.२०, १.३० मिनट रक्षा) ने जबरदस्त संघर्ष किया, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके।

 

महाराष्ट्र पोस्ट की निसटती जीत, नेवल डॉक की कोशिश नाकाम

दिन के चौथे और अंतिम क्वार्टर फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र पोस्ट ने नेवल डॉक को १६-१५ (मध्यांतर ११-७) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। यह मुकाबला आखिरी क्षण तक बेहद रोमांचक रहा और दर्शकों की सांसें थामे रखीं। महाराष्ट्र पोस्ट की ओर से अक्षय मासाळ (१.२०, १.३० मिनट रक्षा व १ अंक), सनी तांबे (२.२० मिनट रक्षा व ३ अंक), धीरज भावे (१.२०, १ मिनट रक्षा व १ अंक), प्रतीक देव्हारे (२.१० मिनट रक्षा व २ अंक), प्रद्युम्न पाटील (४ अंक) और शुभम शिंदे (१.१०, १.४० मिनट रक्षा) ने निर्णायक भूमिका निभाई। वहीं नेवल डॉक की ओर से शुभम डोगळे (१.२०, १.१० मिनट रक्षा व १ अंक), साई पिसाळ (१ मिनट रक्षा व ४ अंक), सार्थक जुनघरे (१.३० मिनट रक्षा व २ अंक), अनंत साटळे (१ मिनट रक्षा व ३ अंक), वैभव मोरे (१ मिनट रक्षा व १ अंक) और हितेन भोईर (२ अंक) ने शानदार संघर्ष किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।


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