केंद्र सरकार ने ‘खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया’ को
दी आधिकारिक मान्यता
पारंपरिक खो-खो व्यवस्था को बड़ी मजबूती
अनधिकृत संगठनों को करारा झटका
नई दिल्ली/मुंबई : भारत में खो-खो प्रशासन की आधिकारिक मान्यता को लेकर लंबे
समय से चल रहे विवाद पर आखिरकार केंद्र सरकार ने अंतिम मुहर लगा दी है। युवा
कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए खो-खो
फेडरेशन ऑफ इंडिया (केकेएफआय) को देश की आधिकारिक
राष्ट्रीय खेल संस्था के रूप में मान्यता प्रदान की है। इस निर्णय के बाद स्वयं को
अधिकृत बताने वाले कई अनधिकृत संगठनों को बड़ा झटका लगा है।
महाराष्ट्र खो-खो असोसिएशन के महासचिव प्रा. डॉ. चंद्रजीत जाधव ने
कहा कि खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया कई वर्षों से भारत सरकार के युवा कार्यक्रम
एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मान्यता प्राप्त और पंजीकृत संस्था है। इसके बावजूद
कुछ अनधिकृत और नियमविरुद्ध कार्य करने वाले लोग मूल संघटना को गैर-मान्यता
प्राप्त बताकर खिलाड़ियों को भ्रमित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का
यह निर्णय ऐसे भ्रामक प्रचार करने वालों के लिए “करारा तमाचा” साबित हुआ है।
केंद्र सरकार का आधिकारिक फैसला
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र
के अनुसार, खो-खो
फेडरेशन ऑफ इंडिया की वर्ष 2026 की वार्षिक मान्यता का नवीनीकरण सक्षम प्राधिकारी द्वारा मंजूर किया गया
है। मंत्रालय के इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि केवल केकेएफआय और उससे
संबद्ध राज्य संघटनाएं ही देश में आधिकारिक रूप से खो-खो खेल का संचालन कर सकती
हैं।
31 दिसंबर 2026 तक
मान्यता वैध
मंत्रालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह मान्यता 31 दिसंबर 2026 तक वैध रहेगी। यह मान्यता हर वर्ष नवीनीकृत
की जाती है और इस वर्ष भी केकेएफआय को यह मान्यता प्राप्त हुई है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि यह मान्यता न्यायालय में लंबित मामलों के अंतिम
निर्णय के अधीन रहेगी। इसके बावजूद केकेएफआय की आधिकारिक स्थिति पूरी तरह बरकरार
है।
अनधिकृत संगठनों को बड़ा झटका
पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र सहित देशभर में कई अनधिकृत
खो-खो संगठन सक्रिय थे। ये संगठन स्वयं को अधिकृत बताकर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रशासकों के बीच भ्रम
फैलाने का प्रयास कर रहे थे। केंद्र सरकार के इस नए आदेश के बाद ऐसे संगठनों को
बड़ा झटका लगा है। खो-खो जगत के अनेक खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों
और पदाधिकारियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
खिलाड़ियों और खेल जगत को बड़ी राहत
इस आधिकारिक पत्र की प्रतियां स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ
इंडिया (साई), रेलवे बोर्ड और
अन्य संबंधित विभागों को भी भेजी गई हैं। इससे आधिकारिक प्रतियोगिताओं, खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं, सरकारी मान्यता,
खेल कोटा, नौकरी के अवसरों और राष्ट्रीय स्तर
की प्रतियोगिताओं को लेकर बनी भ्रम की स्थिति दूर होने की उम्मीद है। अब अधिकृत
संघटनाओं से जुड़े खिलाड़ियों को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी खेल वातावरण मिलेगा।
महाराष्ट्र खो-खो असोसिएशन को फिर मिली आधिकारिक
पुष्टि
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद महाराष्ट्र खो-खो
असोसिएशन को राज्य की आधिकारिक संस्था के रूप में फिर से मान्यता मिल गई है। प्रा.
डॉ. चंद्रजीत जाधव ने जिला संघटनाओं, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों से
केवल अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कार्य करने की अपील की है। उन्होंने यह भी
चेतावनी दी कि भविष्य में अनधिकृत संगठनों के साथ कार्य करने वाले प्रशिक्षकों और
पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खो-खो में पारदर्शिता और स्थिरता का नया दौर
इस ऐतिहासिक निर्णय को भारतीय खो-खो में पारदर्शिता, अनुशासन और संगठनात्मक स्थिरता की नई
शुरुआत माना जा रहा है। इससे वास्तविक खिलाड़ियों के हित सुरक्षित होंगे और
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधिकारिक प्रतियोगिताओं को मजबूती मिलेगी। इस
निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए केकेएफआय अध्यक्ष सुधांशु मित्तल, महासचिव उपकार सिंह और कोषाध्यक्ष गोविंद
शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की मान्यता से खो-खो खेल को नई स्थिरता और
स्पष्टता मिली है।


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